आसान नहीं होता है !यूँ घर के भाई बहनों में सबसे बड़ा होना।

आसान नहीं होता है !
यूँ घर के भाई बहनों में सबसे बड़ा होना। 
जिम्मेदारियों के जेवर में, 
जिंदगी भर यूँ जड़े रहेना। 
खुद की ख्वाहिशों को दफन करके! 
भाई बहनों के सपनों को सच्च करने के लिए
हर मुश्किल प्रयास करते रहेना। 
परिवार पे आने वाली हर मुसिबतों के लिए! 
बाप से भी पहले पहाड़ बन कर खड़ा रहेना।
आसान नहीं होता है !
यूँ घर के भाई बहनों में सबसे बड़ा होना। 
     #Happy_birthday_brother





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जंगलों में आग

बुढ़ाकेदार नाथ मंदिर, कृष्ण मंदिर, जरा ताल बंजारा ताल । 26 june 2021बुढ़ाकेदार क्षेत्र में पर्यटन के अपार सम्भावनाओं हैं , बाबा केदार का मंदिर और अनेक ताल और बुग्याल यहाँ; उन्हें बस दुनिया की नज़र में आने की कमी। बुढ़ाकेदार से लगभग 5 किलोमीटर आगे है मेड गांव, जहाँ सड़क से 500 मीटर ऊपर पैदल मार्ग एक कृष्णजी का भव्य मंदिर हैं, जहाँ विभिन्न फूलों से सजे फुलों के बगीचे हैं, और मंदिर से जो नीचे घाटी का दृश्य है ओ देखने को ही बनता है। आगे मेड गांव से ही 3 किलोमीटर ऊपर जरा ताल जिसके चारों और बुग्याल के मैदान हैं , जिसका नफीस दृश्य बड़ा शानदार है। जरा ताल से लगभग 3 किलोमीटर आगे है बंजारा ताल जिसका मनमोहक दृश्य देखते रहने को ही करता है, ताल के आस पास स्थानीय लोगों के जानवर गाय, भैंस, बैल घस चरती , जनवरों की गले में टंगी घंटी की अवाज़ अलग दी सुकून देती है। और ताल से थोड़ा ऊपर साधु महराज की कुटिया भी बड़ी विलक्षण है, इतनी दुर्गम स्थान पर इतनी शानदार सीमेंट कंक्रीट बनी कुटिया देख कर आश्चर्यजनक लगता है। स्थानीय लोग जिनके वहाँ जानवर है, उनके बच्चे बुग्याल में अनेक खेल खेलते दिखते हैं कोई पकड़म पकड़ाई तो चूलाबांढी । इसे देख तो आसे लगता हैं जैसे हम अपने बच्चपन में वापिस लौट गये हैं, उन्हें बस देखते ही रहने को मन करता है। उत्तराखंडी फिल्म जगत के लोगों के लिये भी बड़ा शानदार स्थान यदि यहाँ यदि प्रकृति का दृश्य या प्रकृती में कोई दृश्य फिल्मांना चाहते हो यहाँ आके निराश नहीं होंगे। कोशिश जरूर करें यहाँ जाने की बस स्वच्छता का ध्यान रखें । नोट- तालों के नाम और उनकी सड़क से दूरी का हमें सही जानकारी नहीं । https://youtu.be/JptgkORxITYhttps://youtu.be/JptgkORxITY