हम जो यूँ कैद करते हैं प्रकृति को कैमरे से।प्रकृति ने यूँ कैद करवा दिया हमें कमरों में कोरोना से।।
carona हम जो यूँ कैद करते हैं प्रकृति को कैमरे से। प्रकृति ने यूँ कैद करवा दिया हमें कमरों में कोरोना से।। ---------------------------------------------------------------------- हम इनशान स्वयं को इस श्रृष्टि में यूँ जो सबसे से सर्वोपरि समझते हैं ये हमरी सबसे बड़ी ....है , । जैसे भारत देश में प्रधानमंत्री, राज्य में मुख्यमंत्री, किसी संस्थान में निर्देशक , क्लास में टीचर👨🏫🤫 और घर का मालिक 👀, हाॅस्टल में वार्डन, मेस में मेसइनचार्ज etc. ये सभी अपने- अपने स्थान पर स्वयं को सर्वोपरी समझते हैं। ये सोचते हैे कि हम जो चाहेंगे ओ करेगें..! और करने का प्रयास भी करते हैं...। लेकिन पूर्णतः अपनी मन इच्छा नहीं कर पाते है। वैसे ही मनुष्य भी पृथ्वी में मनइच्छा करने का प्रयास करना चाहता है__ औ जो चाहे ओ खायेगा, औ जो चाहे औ पियेगा, औ जहाँ चाहे वहाँ जायेगा , किन्तु पूर्णतः सफल नहीं हो पायेगा ये हम सभी भली भाँति जान गये हैं। जब स्थति ताली,🔔घंटी, थाली बजाने पे आ गयी है। (मज़ाक में ना लें)। इनशान ने लगभग पृथ्वी 🌎 का हर कोना घूम लिया है और यहाँ के बारे में जान लिया है, इसलिए औ अंतरिक्ष🌌🚀 मे...