हम जो यूँ कैद करते हैं प्रकृति को कैमरे से।प्रकृति ने यूँ कैद करवा दिया हमें कमरों में कोरोना से।।

caronaहम जो यूँ कैद करते हैं प्रकृति को कैमरे से।
प्रकृति ने यूँ कैद करवा दिया हमें कमरों में कोरोना से।।
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‌हम इनशान स्वयं को इस श्रृष्टि में यूँ जो सबसे से सर्वोपरि समझते हैं ये हमरी सबसे बड़ी ....है , । जैसे भारत देश में प्रधानमंत्री, राज्य में मुख्यमंत्री, किसी संस्थान में निर्देशक , क्लास में टीचर👨‍🏫🤫 और घर का मालिक 👀, हाॅस्टल में वार्डन, मेस में मेसइनचार्ज etc. ये सभी अपने- अपने स्थान पर स्वयं को सर्वोपरी समझते हैं। ये सोचते हैे कि हम जो चाहेंगे ओ करेगें..! और करने का प्रयास भी करते हैं...। लेकिन पूर्णतः अपनी मन इच्छा नहीं कर पाते है। वैसे ही मनुष्य भी पृथ्वी में मनइच्छा करने का प्रयास करना चाहता है__
‌ औ जो चाहे ओ खायेगा, औ जो चाहे औ पियेगा, औ जहाँ चाहे वहाँ जायेगा , किन्तु पूर्णतः सफल नहीं हो पायेगा ये हम सभी भली भाँति जान गये हैं। जब स्थति ताली,🔔घंटी, थाली बजाने पे आ गयी है। (मज़ाक में ना लें)। इनशान ने लगभग पृथ्वी 🌎 का हर कोना घूम लिया है और यहाँ के बारे में जान लिया है, इसलिए औ अंतरिक्ष🌌🚀 में भी जा पहूँचा, पृथ्वी में अपनी राजागीरी का परिणाम तो हम 👀 ही रहे हैं, और समय उपरांत ही चन्द्रमा, मंगल, सूर्य☀, शनि ...दि और इस ब्रमांड में जो मानवराज का भी परिणाम देखेंन तक सायद हम .....न...गे। जैसे हमें अपने पडोसीयो के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी होनी चाहिए। वैसी हमें अपने अंतरिक्ष के बारे में कुछ जानकारी जाननी आवश्यक है। इसका मतलब ये नहीं कि हम दूसरे के घर के मालिक बनने का प्रयास करें। सच्च में आज कल शहर सुन और गांव में भीड़ है, दोस्तों👭👬👫 गाँव आने की होड़ न मचायें, इसमें आप स्वयं भी असुरक्षित है, और घर गाँव वाले भी, इस वक्त हर एक कोरोना + 👤व्यक्ति एक परमाणु बम💣💣 का काम कर सकता।... 
.nxt सबसे खतरनाक वायरस इंनशान है, कोरोना हमारे सामने कुछ भी नहीं कोरोना का छत्यानाश होना है यह निश्चित है, लेकिन कितना कोहरम मचा के होगा यह कनफ़र्म नहीं है 
‌ ।।।। कोरोना ने मचाया कोहराम ।।।।
‌ ।।। चीन हुआ बदनाम ।।।
‌ ।। भारत बनेगा 🔔🍽 👏 महान👍।।
‌जैसे यदि अंग्रेज भारत नहीं आते तो हमें समस्त महान क्रांतिकारी नहीं मिल पाते। वैसे ही कोरोना भी कुछ आशायें उम्मीद ले के आया है। इसलिए मोका न जाने दे, धैर्य रखें सावधानी से महान कोरोना क्रांतिकारी बनने का अपने पे प्रयोग करें। और जितने भी लोग कोरोना को हराने के लिये हमारे आगे खड़े हैं उन्हें 🔔🔔🔔 🍽👏👏👏 प्रोत्साहित करते रहें।
‌🤫🤫🤫🙏🏻🤫🤫❌🤝❌🚫🤝❌🙏🏻🙏🏻  
‌यूं जो कोरोना भी न आता तु भी मुझे कहाँ मिलता जब कहता था मिल लो मुझे भी कभी उस वक्त व्यक्ति के पास वक्त नहीं था, अभी जब मिलने से जी घबराता है.......।

‌कुछभी
‌bHuNkUcah

दीप,धूप , मोमबती जलाओ ओर कोरोना पर आग लगाओ ~:>
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बुढ़ाकेदार नाथ मंदिर, कृष्ण मंदिर, जरा ताल बंजारा ताल । 26 june 2021बुढ़ाकेदार क्षेत्र में पर्यटन के अपार सम्भावनाओं हैं , बाबा केदार का मंदिर और अनेक ताल और बुग्याल यहाँ; उन्हें बस दुनिया की नज़र में आने की कमी। बुढ़ाकेदार से लगभग 5 किलोमीटर आगे है मेड गांव, जहाँ सड़क से 500 मीटर ऊपर पैदल मार्ग एक कृष्णजी का भव्य मंदिर हैं, जहाँ विभिन्न फूलों से सजे फुलों के बगीचे हैं, और मंदिर से जो नीचे घाटी का दृश्य है ओ देखने को ही बनता है। आगे मेड गांव से ही 3 किलोमीटर ऊपर जरा ताल जिसके चारों और बुग्याल के मैदान हैं , जिसका नफीस दृश्य बड़ा शानदार है। जरा ताल से लगभग 3 किलोमीटर आगे है बंजारा ताल जिसका मनमोहक दृश्य देखते रहने को ही करता है, ताल के आस पास स्थानीय लोगों के जानवर गाय, भैंस, बैल घस चरती , जनवरों की गले में टंगी घंटी की अवाज़ अलग दी सुकून देती है। और ताल से थोड़ा ऊपर साधु महराज की कुटिया भी बड़ी विलक्षण है, इतनी दुर्गम स्थान पर इतनी शानदार सीमेंट कंक्रीट बनी कुटिया देख कर आश्चर्यजनक लगता है। स्थानीय लोग जिनके वहाँ जानवर है, उनके बच्चे बुग्याल में अनेक खेल खेलते दिखते हैं कोई पकड़म पकड़ाई तो चूलाबांढी । इसे देख तो आसे लगता हैं जैसे हम अपने बच्चपन में वापिस लौट गये हैं, उन्हें बस देखते ही रहने को मन करता है। उत्तराखंडी फिल्म जगत के लोगों के लिये भी बड़ा शानदार स्थान यदि यहाँ यदि प्रकृति का दृश्य या प्रकृती में कोई दृश्य फिल्मांना चाहते हो यहाँ आके निराश नहीं होंगे। कोशिश जरूर करें यहाँ जाने की बस स्वच्छता का ध्यान रखें । नोट- तालों के नाम और उनकी सड़क से दूरी का हमें सही जानकारी नहीं । https://youtu.be/JptgkORxITYhttps://youtu.be/JptgkORxITY

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